टर्नर सिंड्रोम के लक्षण और संकेत क्या हैं?HealthPlanet

Posted on Sat 3rd Dec 2022 : 13:31

टर्नर सिंड्रोम (Turner syndrome) क्या है?


टर्नर सिंड्रोम जेनेटिक डिसऑर्डर की वजह से होने वाली बीमारी है, जिसका असर हमारे क्रोमोजोम पर पड़ता है। क्रोमोजोम में जीन शामिल होते हैं, जिससे डीएनए बनता है। क्रोमोजोम की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। इसके साथ ही यह हर व्यक्ति का शरीर अलग-अलग ढंग से काम करते हैं। क्रोमोजोम में किसी प्रकार का दोष कई तरह की समस्याओंं को जन्म देना है। यह समस्या गंभीर भी हो सकती है। इंसानी शरीर में क्रोमोजोम के 23 ग्रुप होते हैं, जिसमें से 23 वां क्रोमोजोम सेक्स (लिंग) का निर्धारण करता है (पुरुषों में XY और महिलाओं में XX)। टर्नर सिंड्रोम में एक X क्रोमोजोम में दोष होता है।
टर्नर सिंड्रोम के क्या लक्षण हैं?

टर्नर सिंड्रोम वाले शिशु अक्सर धीरे-धीरे बड़े होते हैं और उनमें पाचन की समस्या होती है। ऐसे बच्चों को शारीरिक बनावट की समस्या उत्पन्न हो सकती है, जैसे-


सामान्य से छोटी गर्दन, ज्यादा चौड़ा सीना, बड़े या छोटे कान या कोई और शारीरिक समस्या। ऐसे में इन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
कई बार ओवरी (अंडाशय) भी ठीक तरह से विकसित नहीं होने की वजह से स्तन का भी विकास नहीं हो पाता है।
उम्र बढ़ने के साथ-साथ पीरियड्स (मासिकधर्म) का बंद होना भी इसका एक लक्षण है।
टर्नर सिंड्रोम की समस्या होने पर गर्भधारण की संभावना कम हो जाती हैं। यही नहीं दिल की बीमारी, किडनी की बीमारी, बाल झड़ना और सुनने की क्षमता कम होना इस तरह की बीमारी शुरू हो सकती है।
आमतौर पर लड़कियों और महिलाओं के सोचने-समझने की शक्ति भी कम होती है। इन लक्षणों के अलावा और भी लक्षण हो सकते हैं। इसलिए डॉक्टर से संपर्क करें।

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